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चम्बल में रिवाल्वर रानी हुई छह लखटकिया

 चम्बल में रिवाल्वर रानी हुई छह लखटकिया            श्रीगोपाल गुप्ता चम्बल घाटी में मूछों की आन,बान-शान,व जान की रक्षा करने वाली रिवाल्वर रानी अब छह लखटकिया की हो गयी है तो वहीं उनकी बहन बंदूक रानी भी लखटकिया का आंकड़ा पार कर गयी हैं! चम्बल में हथियारों पर हूई रुपयों की यह बढ़ोत्री अब तक के इतिहास में सारे रिकार्ड धवस्त कर सबसे ऊंचे पायदान पर है! लेकिन चौंकिये मत, जन चर्चा के अनुसार दुस्मन व लुटेरों से जान बचाने वाली ये रिवाल्वर और बंदूक की कीमते नहीं है! बल्कि ये रिवाल्वर और बंदूक के लिये शासन द्वारा दिये जाने वाले लायसैंस का शुकराना व नजराना है?वास्तविक कीमत तो लायसैंस प्राप्त होने के बाद खरीदने जायोगे,तब मालूम पढ़ ही जायेगी! लेकिन बताते हैं कि स्वदेश में बनी रिवाल्वर दो लाख के आसपास है जबकि विदेशी औसत 3 लाख रुपये की है!मगर चढ़ावे की कवायद आवश्यक है! फिर न आपसे कोई ये पूछने वाला है कि आप लायसैंस आत्म रक्षार्थ,जान-माल की सुरक्षा या आजीविका के चलाने किसी गार्ड आदि की नौकरी के लिये ले रहे हो? जबकि लायसैंस के लिये सक्षम अधिकारी को ये जानना और खुद की संतुष...